
अनपरा, सोनभद्र। नगर पंचायत अनपरा के वार्ड संख्या 18, बोस नगर में पेयजल की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों में परेशानी बनी हुई है। वार्ड के करीब 250 परिवार अब तक हर घर नल योजना के लाभ से वंचित बताए जा रहे हैं। खास बात यह है कि वार्ड से महज 50 मीटर की दूरी पर पानी की टंकी मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद लोगों के घरों तक नल के जरिए पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस स्थिति को लेकर वार्ड सभासद सुमित कुमार सोनी ने उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण विभाग के मंत्री संजीव सिंह गोड को मांग पत्र सौंप कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
सभासद ने अपने पत्र में कहा है कि सरकार की महत्वपूर्ण हर घर नल योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन वार्ड संख्या 18 के सैकड़ों परिवार अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। पानी की टंकी वार्ड के बेहद करीब होने के बावजूद घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं होना स्थानीय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी
पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण वार्डवासियों को पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है। इससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर लोग लंबे समय से इस समस्या के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।
सभासद ने इस स्थिति को “दीपक तले अंधेरा” बताते हुए कहा कि एक ओर पानी की टंकी मौजूद है और दूसरी ओर उसी के आसपास रहने वाले परिवार पेयजल के लिए परेशान हैं।
अधिकारियों को कई बार कराया अवगत
सभासद सुमित कुमार सोनी के मुताबिक, उनके द्वारा इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके साथ ही नगर पंचायत की बैठकों में भी वार्ड की पेयजल समस्या को लगातार उठाया गया है। इसके बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मंत्री से शीघ्र कार्रवाई की मांग
सभासद ने मंत्री को मांग पत्र में जनहित के मद्देनजर मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि वार्ड संख्या 18 बोस नगर के लगभग 250 वंचित परिवारों को जल्द हर घर नल योजना से जोड़ा जाए और उनके घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
सभासद का कहना है कि पानी प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकता है, इसलिए इस समस्या का जल्द समाधान होना जरूरी है। अब स्थानीय लोगों की नजर शासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई पर है।




