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राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर बना अनपरा कॉलोनी का दुर्गा पूजा पंडाल: मृदु रंजन श्रीवास्तव

35 वर्षों से चली आ रही पूजा की परंपरा, भोजपुरी कलाकारों की प्रस्तुतियों और डांडिया कार्यक्रम से सजेगी महफिल

अनपरा (सोनभद्र)। अनपरा तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित बस अड्डे पर नव युवक सेना श्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से शारदीय नवरात्रि के अवसर पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का आयोजन किया गया है। इस वर्ष पंडाल को गुजरात के राजकोट स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया है। आयोजन की तैयारियों, धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर समिति के अध्यक्ष मृदु रंजन श्रीवास्तव से विशेष बातचीत की गई। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश—

प्रश्न: इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडाल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

उत्तर (मृदु रंजन श्रीवास्तव): इस बार पंडाल को गुजरात के राजकोट स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। इसे भव्य और आकर्षक रूप देने का प्रयास किया गया है। हम चाहते हैं कि श्रद्धालु यहां आकर मां दुर्गा के दर्शन करें और पंडाल की भव्यता का अनुभव करें।

प्रश्न: दुर्गा पूजा आयोजन की परंपरा कितने वर्षों पुरानी है?

उत्तर: हमारे यहां पिछले 35 वर्षों से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। समिति हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रही है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी रहें।

प्रश्न: आयोजन का खर्च कैसे पूरा किया जाता है?

उत्तर: दुर्गा पूजा का आयोजन समिति के सदस्यों के आपसी सहयोग और अनपरा कॉलोनी परिसर के अधिकारियों के विशेष आर्थिक सहयोग से संपन्न होता है। सभी के सामूहिक प्रयास से आयोजन को भव्य स्वरूप देने में मदद मिलती है।

प्रश्न: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

उत्तर: श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन पुलिस प्रशासन की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र भी उपलब्ध रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

प्रश्न: इस बार श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए कौन-कौन से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे?

उत्तर: इस बार भोजपुरी कलाकार गोलू राजा, आर्यन बाबू और पुनीत पागल सहित अन्य कलाकारों एवं गायकों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा 17 और 18 अक्टूबर को डांडिया समेत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 19 अक्टूबर को होगा।

प्रश्न: आयोजन में स्थानीय लोगों और प्रशासन का कितना सहयोग मिल रहा है?

उत्तर: आयोजन में स्थानीय लोगों और प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन की ओर से भी सहायता मिलती है। सभी के सहयोग और सहभागिता से ही पिछले 35 वर्षों से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।

प्रश्न: क्षेत्रवासियों के लिए आपका क्या संदेश है?

उत्तर: हम अनपरा और आसपास के क्षेत्रों के सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंडाल में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन करें। समिति के सदस्यों ने आयोजन को भव्य बनाने के लिए मेहनत की है। हमारा उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक आयोजन में शामिल हों और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।

इस दौरान समिति के अध्यक्ष मृदु रंजन श्रीवास्तव के साथ समिति के पदाधिकारी विष्णु देव झा, प्रशांत उपाध्याय, सुजीत सोनी, विशाल शाही, उदय नारायण सिंह, देश दीपक मिश्रा, बिन्देश सिंह, सोनू कंसल एवं पुष्पराज सिंह, शिव प्रकाश उर्फ श्री, सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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