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एन सी एल प्रबन्धन देश द्रोही ताकतों को प्रश्रय देकर श्रमिकों का शोषण करना बंद करे

अनपरा सोनभद्र।

भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ की नवगठित कार्यसमिति से समन्वय भेंट वार्ता तथा नॉर्दर्न कोल्डील्ड्स लिमिटेड में इसी माह होने वाले सदस्यता सत्यापन के मद्देनजर भारतीय कोयला खदान मजदूर मजदूर बीना की अनुसांगिक संगठनों के साथ शाखा ककरी में तैयारी चर्चा आयोजित की गई ।
इस तैयारी चर्चा / बैठक में आनुषंगिक संगठन भाजपा सोनभद्र के जिलाध्यक्ष आदरणीय श्री नंदलाल जी विशेष रूप से उपस्थित रहे । साथ में नगर कार्यवाह प्रेम नारायण जी , भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे , जिलाध्यक्ष दाशाराम यादव जी, कोयला के नवनियुक्त महामंत्री पवन शर्मा, विद्याभारती से शिशु मंदिर और विद्यामंदिर इंटरमीडिएट कॉलेज कालेज के प्रधानाचार्यद्वय , स्वयं सेविका की मातृ शक्तियाँ विशेष रूप से उपस्थित रही .
अपने उद्बोधन में जिलाध्यक्ष आदरणीय नंदलाल जी ने कहा कि राष्ट्र ऋषि श्रध्देय दंतों पंत ठेंगड़ी द्वारा संस्थापित व देश हित, राष्ट्र हित और श्रमिक हित के ध्येय वाक्य पर कार्य करने वाला एकमात्र राष्ट्र वादी श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ है जो देश का क्रमांक एक का श्रम संगठन भी है । वहीं अन्य राजनैतिक श्रम संगठन अपनी -२ विपक्षी पार्टियो के हाथ की कठपुतली बने रहने तक अपने को सीमित हैं .
हम भारतीय जनता पार्टी के दायित्व का निर्वहन करने के साथ साथ श्रम प्रकोष्ठ का दायित्व भी निर्वहन करने के नाते सीधे तौर पर श्रम क्षेत्र से जुड़ा हूँ साथ ही विद्याभारती के विद्यालय के प्रबंध समिति का दायित्व निर्वहन कर रहे है अतएव हम कहीं ना कहीं वैचारिक रूप से एकदूसरे के साथ भ्रातृत्व रूप में जुड़कर राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के मूल उद्देश्य पर सतत कार्य कर रहे हैं .
आश्चर्य लगता है देश में कम्युनिस्ट और कांग्रेस जैसी पार्टियां अपनी समाप्ति के दिन गिनने को विवश हैं लेकिन यहीं एन सी एल में ऐसी ही पार्टियों के हाथों की कठपुतली बने तथाकथित श्रम संगठन सम्बंधित अधिकारियों से प्रश्रय लेकर श्रमिकों का शोषण करने में सफल हो रहे हैं .
विपक्षी पार्टियों के हाथों की कठपुतली बने ऐसे यूनियन श्रमिकों का शोषण करने में में कदापि सफल नहीं होते यदि कुछ चुनिंदा शीर्ष अधिकारी इन्हें प्रश्रय देने जैसा घृणित कार्य नहीं .।
खासकर एन सी एल में यह प्रथा वर्तमान में सर्वाधिक देखने को मिल रही है ।
देश द्रोही और श्रमिकों का शोषण करने वाली तथाकथित यूनियन को प्रश्रय देकर शोषण में सहयोग करने वाले ऐसे कुछ अधिकारियों को चिन्हित कर यहाँ से लेकर दिल्ली तक बेनकाब किया जाएगा ।
प्रबन्धन के कुछ शीर्ष अधिकारी इन्हीं तथाकथित यूनियनों को साधकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों में जारी सामाजिक सुरक्षा या न्यूनतम वेतन आदि से सम्बन्धी जारी शासनादेश की अवहेलना कर मजदूरों का शोषण कर रही हैं ।
राज्य व केंद्र सरकार द्वारा श्रमिक हितों के संबंध में जारी शासनादेश का अनुपालन न होने से एक तरफ़ सोनभद्र जैसे श्रमिक और आदिवासी बाहुल्य जनपद में संविदा श्रमिक अपने को ठगा महसूस करता है दूसरी ओर इसके लिए जिम्मेदार कुछ चुनिंदा शीर्ष अधिकारियों की संलिप्तता सरकार की छवि ख़राब करने का प्रयास कर रही है ।
आप सभी अनुसांगिक संगठन के लोग राष्ट्र हित , उद्योग हित, श्रमिक हित के आदर्शों पर कार्य करने वाले विशुद्ध श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ को मजबूत कर श्रमिकों के शोषण पर विराम लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़े । ऐसे राष्ट्रवादी श्रम संगठन से ही राष्ट्र, उद्योग और श्रमिक तीनों के भले की उम्मीद की जा सकती है ।
इस भेंट वार्ता चर्चा बैठक में यूनियन नवनियुक्त कार्यसमिति के प्रमुख पदाधिकारी कार्यसमिति सदस्य , श्री अनिल सिंह गौतम, प्रमोद शुक्ला, देवेन्द्र गुप्ता, प्रभाशंकर मिश्रा, रविजीत कंग, राजेंद्र तिवारी, प्रथम श्रीवास्तव, परियोजनाओं के अध्यक्ष सचिव के बी राय, बुद्धेश्वर सिंह, वरुण सिंह, शशिकांत वैश्य आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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